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Monday, May 16, 2022
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Uddhav Thackeray Rally: Desh ki aajadi se RSS ka koyi lena-dena nahi, BJP ka hindutv jhutha, hamen na sikhayen…Mumbai rally me garaje Uddhav Thackeray, Uddhav Thackeray Rally: देश की आजादी से RSS का कोई लेना-देना नहीं, बीजेपी का हिंदुत्व झूठा, हमें न सिखाएं…मुंबई रैली में गरजे उद्धव ठाकरे


मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra News) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शन‍िवार को बीकेसी में सभा की। इस दौरान सीएम उद्धव ने कहा क‍ि बहुत दिनों के बाद आज मैदान में हम मिल रहे हैं। अनेक विषयों पर बोलने से पहले छत्रपति संभाजी महाराज को अभिवादन करता हूं। व‍िपक्ष और राज ठाकरे पर हमला करते हुए उद्धव ने कहा क‍ि जिन लोगों को महाराष्ट्र में रहकर महाराष्ट्र नहीं समझ आता उनके लिए कभी-कभी बोलना पड़ता है। झूठा हिंदुत्व करने वाली पार्टी जो हमारे साथ थी, उन्होंने देश का नाश किया है। शिवसेना प्रमुख ने हमें हिंदुतब सिखाया था। उन्होंने कहा कि मंदिर में घंटी बजने वाला नहीं बल्कि दुश्मनों को बाहर रखने वाला हिंदुत्व चाहिए।

सीएम उद्धव ने बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस का नाम लेते हुए कहा क‍ि फडणवीस ने कहा कि हमारा हिंदुत्‍व गदाधारी नहीं, गधाधारी है.. मैंने कहा कि हम आपके साथ थे इसलिए गधाधारी लग रहा था, तुम्हें छोड़कर अब गदाधारी हो गए हैं। गधे को लात मार हम आगे बढ़ गए। उन्‍होंने कहा क‍ि राहुल भट्ट एक महत्त्व का मुद्दा है। केवल एक माहौल बनाया जा रहा क‍ि हिंदुत्व के रक्षक केवल बीजेपी है। तो हम कौन है? हमें हिंदुत्व बालासाहेब ठाकरे ने सिखाया है। हिंदुत्व के अलावा और भी मुद्दे हैं, जिसपर बात करना है।

उद्धव ने फडणवीस पर बरसाए तीर

सीएम उद्धव ने कहा क‍ि 1 मई को बीजेपी की सभा थी, उसमें फडणवीस ने कहा कि हम मुंबई स्वतंत्र करेंगे। यह वी और उनके मालिक चाहते हैं, लेकिन हम उनको कह दें कि अगर उनकी कई पीढ़िया भी आ गई तो कुछ नहीं कर सकते। मुंबई को मराठा और मराठी मानुस ने खून देकर महाराष्ट्र में लाया है, उसे हम छोड़ेंगे नहीं।

देश की आज़ादी में RSS का कोई लेना देना नहीं: उद्धव

उन्‍होंने कहा क‍ि जहां हमारी सभा हो रही है, वहां यह लोग बुलेट ट्रेन चाहते हैं। मुंबई से अहमदाबाद। कौन चाहता है यह? यह सब मुंबई को स्वतंत्र करने के लिए किया जा रहा है। देश की आज़ादी में RSS का कोई लेना देना नहीं है। अगर कुछ है तो बताओ। आप इस लड़ाई में नहीं थे। उस समय शिवसेना भी नहीं थी, लेकिन मेरे पिता और चाचा उस समय मेरे दादा प्रबोधनकार ठाकरे की मदद कर रहे थे। उस समय मुम्बई को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए संयुक्त महाराष्ट्र समिति बनाई गई। उससे सबसे पहले बाहर निकलने वाली जनसंघ थी।

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‘महंगाई पर कोई नहीं बोल रहा’

सीएम उद्धव ने कहा क‍ि उस समय से ही मुंबई को तोड़ने का इनका मंसूबा है। यह गलती से नहीं बल्कि उनके पेट की बात थी जो सामने आया। दूसरा एक मुद्दा महंगाई है। हिंदुत्व के बारे मेजन हमें बोलने की ज़रूरत नहींहै, लेकिन महंगाई पर कोई नहीं बोल रहा है। कुछ दिन पहले पीएम मोदी से 5 मुख्यमंत्रियों ने बात की। मुझे नहीं बोलना था, मैं IPL मैच देखने की तरह यह सब देख रहा था। बैठक कोरोना पर थी, उसके बाद इन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल के दर राज्य कम करें। यह हमें हमारा पैसा नहीं दे रहे हैं और कोरोना की बैठक में दर कम करने कह रहे हैं। जब भी मुंबई पर कोई संकट आता है, सबसे आगे शिवसैनिक रहते हैं।

‘पिछले 25 साल हम गठबंधन में सड़ गए’

सीएम उद्धव ने कहा क‍ि पिछले 25 साल हम गठबंधन में सड़ गए। अब हम इनका विकृत चेहरा देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि क्या यह वही लोग हैं जिनके साथ हम थे। हमारे सामना अखबार में जो हम लिखते हैं, वो देश के लिए लिखते हैं। लेकिन उसमें भी हम किसी के परिवार या घरवालों के बारे में नहीं लिखते। यह हमारा संस्कार है। हाल ही में पुरानी एक वीडियो सामने आई जिसमें पेट्रोल में 7 पैसे बढ़ने पर अटल बिहारी वाजपेयी बैलगाड़ी से सांसद जाकर इसका विरोध किया था। अब इन्हें क्या हुआ।

राहुल भट्ट की हत्‍या पर बीजेपी को घेरा

उद्धव ने कहा क‍ि जो कह रहे हैं की यह बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना नहीं है, क्या यह खुद अब अटल बिहारी वाजपेयी वाली बीजेपी हैं? हम झूठ नहीं बोलते हैं, झूठ बोलना उनके हिंदुतब में आता है, हमारे में नहीं। राहुल भट्ट को कार्यालय में घुसकर मारा गया। क्या अब उस कार्यालय पर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहिए? इन आतंकवादियों को मारने के बाद नहीं बल्कि दफ्तर आने से पहले मारना चाहिए। क्या यह कश्मीर फ़ाइल के आगे की कहानी है?

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‘हिंदुत्व कोई धोती नहीं है जिसे छोड़ सकते हैं’

मुख्‍यमंत्री ने कहा क‍ि महंगाई पर क्यों ना बोलें? जिन्हीने उज्ज्वला योजना शुरू की, गैस 1000 पर है। आज़ादी को 75 साल हुए, 1 डॉलर की कीमत अब 77 हो गई है। मैं संभाजीनगर (औरंगाबाद) कहता हूँ, वहाँ ओवैसी गया.. औरंगज़ेब के दरगाह पर। यह सब उनके A, B, C टीम हैं। कोई औरंगज़ेब के यहाँ जाता है, कोई हनुमान चालीसा पढ़ रहा है, कोई मूंह पर टमाटर सॉस लगाकर कहता है कि मुझे मारा गया। इन्हें Z प्लस सुरक्षा और कश्मीरी पंडितों को कुछ नहीं। लोगों के पैसों से जिसे सुरक्षा दी जानी चाहिए, उन्हें नहीं दे रहे हैं और ऐसे लोगों कक दे रहे हैं.। यह लोग हमारे हिंदुत्व पर बोल रहे हैं। हम कांग्रेस के साथ गए लेकिन हमारे हिंदुत्व को नहीं छोड़ा। हिंदुत्व कोई धोती नहीं है जिसे छोड़ सकते हैं। तुम छोड़ सकते हो, हम नहीं।

‘क्या नीतीश कुमार हिंदुत्ववादी हैं? RSS मुक्त भारत उन्होंने कहा था’

उद्धव ने कहा क‍ि हम बोलकर कांग्रेस के साथ गए,तुम्हारी तरह सुबह शपथ नहीं लिया। मैं NCP के साथ गया तो गलत, तुमने सुबह शपथ लिया उसका क्या? NDA में तुम्हारे अब कितनी पार्टियां हैं? मैं पहले एक ही बैठक में गया था.. 30 से 35 लोग थे, सब NDA के सहकारी, लेकिन इसमें से कितने लोग हिंदुत्ववादी हैं? क्या नीतीश कुमार हिंदुत्ववादी हैं? RSS मुक्त भारत उन्होंने कहा था। उन्होंने अब भी लाउडस्पीकर मुद्दे को बकवास कहा।

बीजेपी के महबूबा मुफ्ती के सा‍थ जाने पर बोला हमला

महबूबा मुफ्ती के साथ यह गए। क्या वो भारत माता की जय कहते हैं? उसके बाद इनका कहना है कि हमें सरकार स्थापना कर दिखाना था इसलिए मुफ़्ती के साथ गए। लेकिन मैं देवेंद्र फडणवीस को बताना चाहता हूँ कि मुफ़्ती ने कश्मीर में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होने के लिए पाकिस्तान और अलगाववादी को धन्यवाद देता हूँ। तब तुम्हारे लोग भी थे वहाँ पर। यह हिंदुत्व है? कहते हैं हम बाबरी नहीं गए थे, यह गए थे। फडनविस तब स्कूल के पिकनिक से गए थे क्या? अगर फडनविस वाकई जाते और चढ़ते तो उनके वजन से बाबरी गिर जाता। कोई कुछ भी कह रहा है। अब यह कह रहे हैं कि वो मस्जिद नहीं केवल ढांचा था।

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उत्तर देना है तो महंगाई कम कर उत्तर दो: उद्धव

करोड़ों की संख्या में सबको अयोध्या बुलाया गया था। आडवाणी ने कहा कि जिन्होंने बाबरी तोड़ा वो मराठी में बात कर रहे थे। प्रमोद महाजन की यह लोग बात नहीं सुन रहे थे। अगर यह उनकी बात हजन सुन रहे थे और मराठी बोल रहे थे तो यह किसके लोग हैं। बालासाहेब ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के लोगों ने अगर यह गिराया तो मुझे अभिमान है। उसके बाद उस दिन मुझे उन्होंने कहा था कि यह उनका क्या नेतृत्व है.. नेतृत्व का लक्षण यह नहीं कि लोगों को भड़काने के बाद ज़िम्मेदारी से भाग जाना.. तब कोई ज़िम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। कल फडनविस दोबारा उत्तर सभा लेने वाले हैं, तो क्या उसके बाद हम उत्तर दें? यही चलता रहे? उत्तर देना है तो महंगाई कम कर उत्तर दो।



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