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Tuesday, May 17, 2022
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कोविड-19 का क्या होता है दिमाग पर असर: covid 19 effects brain coronavirus leads to mental and neurological complication after recovery – Covid से ठीक होने के बाद मरीजों की यादाश्त हो रही है कमजोर, इस तरह से दिमाग पर दिख रहा वायरस का असर


कोविड-19 कैसे दिमाग पर डालता है असर

एक स्टडी में बताया गया है कि पोस्ट कोविड के लक्षणों में दिमाग से संबंधित परेशानियों पैदा होती है। वायरस दिमाग पर कई तरीके से असर डालने में कामयाब हो सकता है। इस संबंध में डॉक्टरों ने कई थ्योरी दी है। लेकिन किसी थ्योरी पर सहमति नहीं बनी है। अभी डॉक्टर सभी संभावनाओं को स्टडी कर रहे है।

वायरस दिमाग को प्रभावित करने में कैसे होते हैं कामयाब

पहली संभावना है वायरस मस्तिष्क में प्रवेश करके गंभीर और अचानक संक्रमण पैदा करने की क्षमता रखता हो। दूसरी संभावना यह है कि COVID-19 से लड़ने के प्रयास में प्रतिरक्षा प्रणाली ओवरड्राइव में चली जाती है, जो एक भड़काऊ प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है इस प्रक्रिया में कई टिशु और ऑर्गन्स डेमेज हो जाते हैं। तीसरी थ्योरी है COVID-19 द्वारा शरीर में होने वाले सभी शारीरिक परिवर्तन तेज बुखार से लेकर कम ऑक्सीजन के स्तर और कई आर्गन फेल होने तक सभी मस्तिष्क के डिसफंक्शन में योगदान करते हैं। वहीं, चौथी थ्योरी के अनुसार यह माना जा सकता है कि COVID-19 रोगियों में स्ट्रोक से पीड़ित होने की प्रवृत्ती मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है।

क्‍या 30-40 की उम्र के मरीजों में बढ़ रहा स्ट्रोक का खतरा?

-30-40-

डॉक्टर बताते हैं कि कोविड के मरीजों में स्ट्रोक की शिकायत का संबंध हाइपर एक्टिव ब्लड क्लोटिंग सिस्टम के साथ हो सकता है। एक दूसरा सिस्टम जो COVID-19 के रोगियों में हाइपर एक्टिव है, वह एंडोथेलियल सिस्टम है, जिसमें कोशिकाएं होती हैं जो रक्त वाहिकाओं और शरीर के टिशू के बीच अवरोध बनाती हैं।

यह सिस्टम यंग मरीजों में अधिक जैविक रूप से सक्रिय होता है जिससे हाइपरएक्टिव एंडोथेलियल और ब्लड क्लोटिंग सिस्टम मिलकर ब्लड क्लोटिंग बनाने के लिए इन मरीजों को बड़े जोखिम में डाल देते हैं। डॉक्टरों ने यह भी कहा है कि उपलब्ध आंकड़ों से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि COVID-19 ज्यादातर 30-40 उम्र के मरीजों में स्ट्रोक का कारण बनता है। यह भी देखा गया है कि सभी उम्र के COVID-19 मरीजों में स्ट्रोक में वृद्धि हुई है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।



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